सीनियर सिटीज़न सेविंग स्कीम (SCSS): वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित निवेश और शानदार रिटर्न
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| Benefits of SCSS |
सीनियर सिटीज़न सेविंग स्कीम (SCSS) भारत सरकार की एक बेहद लोकप्रिय और सुरक्षित छोटी बचत योजना है, जो विशेष रूप से सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है। आज के समय में कहा जाए कि सरकारी बैंक FD पर कितना इंटरेस्ट देते है , तो आप कहेंगे कि ज्यादा से ज्यादा 7% , पर उसके विपरीत सिर्फ SCSS ही एक एडी स्कीम है जो सबसे ज्यादा ब्याज देती 8.20% इंटरेस्ट देता है , इस तरह यह सबसे ज्यादा ब्याज देने वाली SCHEME कह सकते है । यह भारत सरकार द्वारा मुख्य रूप से ६० साल के ऊपर के लोगों के लिए बनाया गया है , ताकि आप रिटायर होने के बाद अपना पैसा सुरक्षित , और ज्यादा ब्याज के साथ रख सके । पिछले लेखों में हमने FD , RD, और PPF के बारे में विस्तार से जाना , PPF भी एक सरकारी योजना है सबके लिए । अगर आप इनके बारे में पढ़ना चाहते है तो यहां PPF , FDR, RD पर CLICK कर के पढ़ सकते है , उसके बाद आप SCSS को भी अच्छे से समझ पाएंगे । आइए अब हम इसे और अच्छे तरीके से समझने का प्रयास करते है ।
क्या आप जानते है ?
SCSS के आने से पहले बुजुर्गों के लिए 'Senior Citizens Deposit Scheme, 1993' जैसी कुछ अन्य योजनाएं थीं। सरकार ने पुरानी व्यवस्थाओं को और अधिक आकर्षक, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए इस नई और उन्नत योजना को पेश किया।
Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) की शुरुआत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2004 में की गई थी। 2004 में इसे लाया गया था ।
इस योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य देश के वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को रिटायरमेंट के बाद एक सुरक्षित, निश्चित और नियमित आय (Regular Income) का स्रोत प्रदान करना था।
इसे भारत सरकार के पोस्ट ऑफिस सेविंग्स नेटवर्क (India Post) और अधिकृत कमर्शियल बैंकों के माध्यम से लॉन्च किया गया था, ताकि देश के बुजुर्ग आसानी से इसका लाभ उठा सकें।
सबसे पहले अगर आप रिटायरमेंट के बाद किसी से , पूछते है कि पैसा कहा इन्वेस्ट करना है ? तो , यह जवाब अवश्य आता है कि SCSS , इस योजना के बहुत सारे फायदे है , और यह वरिष्ठ नागरिकों में बहुत लोकप्रिय है , अब हम इस योजना से जुड़ी मुख्य बातों पर चर्चा करेंगे :
ब्याज कितना मिलेगा ?
सबसे पहला सवाल होता है , ब्याज कितना है ? वर्तमान मतलब अगस्त , 2026 में इस योजना पर 8.2% प्रति वर्ष की दर से ब्याज मिल रहा है, जिसकी समीक्षा सरकार द्वारा हर तिमाही (Quarterly) या हर तीन महीने में की जाती है। एक बार खाता खुलने पर यह ब्याज दर पूरे कार्यकाल (5 साल) के लिए लॉक हो जाती है। मतलब अगर बीच में बदल भी जाए तो आपका ब्याज दर 8.20 % ही रहेगा 5 साल तक ।
क्या आप जानते है ?
अगस्त 2004 में जब योजना शुरू हुई, तब से लेकर मार्च 2012 तक ब्याज दर 9.0% पर स्थिर रही थी ।
2012-13: 9.30%
2013-2015: 9.20%
2015-2016: बढ़ाकर फिर से 9.3% कर दी गई थी ।
सरकार ने तिमाही समीक्षा के आधार पर दरों में धीरे-धीरे कटौती करना शुरू किया। वर्ष 2016 से 2019 के बीच यह दर घटकर 8.3% से 8.7% के बीच रही।
इसके बाद वर्ष 2020 की शुरुआत में यह घटकर 8.6% और फिर कोविड काल के दौरान गिरकर सीधे 7.4% पर आ गई
ब्याज दरों में सुधार हुआ और यह बढ़कर 7.4% से 7.6% और फिर 8.0% तक पहुँची ।
अप्रैल 2023 से यह दर स्थिर रूप से 8.2% पर बनी हुई है और वर्तमान तिमाही में भी यही लागू है।
अधिकतम ब्याज दर 9.30% और न्यूनतम ब्याज दर 7.40 % तक गई है । इससे आप जान सकते है कि समय के साथ उतार - चढ़ाव समय समय पर होता रहता है , लेकिन एक बार आप जिस समय SCSS में पैसा जमा करते है , वही ब्याज 5 साल तक रहता है ?
ब्याज कैसे मिलेगा ?
इसका ब्याज हर तिमाही (हर 3 महीने में - अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले दिन) सीधे निवेशक के बैंक खाते में जमा किया जाता है। इसका ब्याज आप अपने बचत खाता में ले सकते है । इसमें एक बात ध्यान रखे , मान लीजिए आप ने खाता 1 मार्च को खोला तो , आपका पहला ब्याज अप्रैल में जमा होगा 1 तारीख को , लेकिन वो ३ महीने का नहीं बल्कि 1 महीने का होगा क्योंकि आपने SCSS में पैसा ब्याज मिलने की तारीख से एक महीने पहले खोला है ,ब्याज मिलने का महीने और तारीख का समय हमेशा एक ही रहता है , उसके बाद फिर अगला जुलाई में और 3-3 महीने पर जमा होता रहेगा । मतलब आप जब भी पैसा जमा करते है , तो सबसे पहले ब्याज आपको अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के 1 तारीख को मिलेगा , आपने जब खाता खोला उसके आधार पर , उसके बाद हर 3 महीने में मिलता रहेगा |
कितने दिन के लिए जमा होता है ?
इस योजना का मैच्योरिटी पीरियड 5 वर्ष है। इसे पूरा होने के बाद एक बार में केवल 3 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। ५ साल का term period होता है , उसके बाद केवल एक बार ३ साल के लिए बढ़ा सकते है फिर मैच्योर हो जाता है।, लेकिन फिर से आप ५ साल के लिए नया कर सकते है । मतलब कम से कम 5 साल तक रखा जा सकता है |
कितना जमा कर सकते है ?
न्यूनतम निवेश: ₹1,000
अधिकतम निवेश: ₹30 लाख (व्यक्तिगत या संयुक्त खाते में)
पहले इसमें 1500000/- ही जमा किए जा सकते थे , अब बढ़ाकर 3000000/ कर दिया गया है , संयुक्त मतलब अलग अलग बैंक के मिलाकर टोटल रकम 3000000/- से ज्यादा नहीं हो सकती । आपके पास अगर 1000/- भी है तो आप SCSS में जमा कर सकते है | एक बात ध्यान रखने की है कि अलग अलग बैंक , मतलब आप दो अलग अलग बैंकों में 1500000/- और 1500000/- रख सकते है |
कौन SCSS खाता खोल सकता है ?
कोई भी 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का भारतीय नागरिक।
55 से 60 वर्ष की आयु के वे कर्मचारी जो वीआरएस (VRS) या सुपरएनुएशन ले चुके हैं (बशर्ते रिटायरमेंट लाभ मिलने के 1 महीने के भीतर खाता खोला गया हो)। आपको रिटायरमेंट का डॉक्यूमेंट बैंक में दिखाना होता है और आपके रिटायरमेंट के एक महीने के भीतर ये खाता अवश्य खोल ले |
रक्षा सेवा (Defense) से रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए आयु सीमा 50 वर्ष है। यहां भी आपको डॉक्यूमेंट दिखाना होता है , तब बैंक आपका SCSS चालू कर देता है । रिटायर होने के तुरंत बाद अवश्य SCSS में पैसा जमा कर दे, नहीं तो फिर 60 साल तक इंतजार करना पड़ेगा |
कौन SCSS नहीं कर सकता हैं ?
हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और एनआरआई (NRI) इस योजना के पात्र नहीं हैं।
जिसकी आयु ६० साल से कम हो , वह SCSS में पैसा जमा नहीं कर सकता।
क्या ज्वाइंट अकाउंट खोला जा सकता है ?
1. SCSS में आप केवल अपने पति या पत्नी (Spouse) के साथ ही ज्वॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं। अन्य किसी रिश्तेदार या व्यक्ति के साथ ज्वॉइंट खाता खोलने की अनुमति नहीं है।
2. ज्वॉइंट अकाउंट में मुख्य या पहला नाम उसी व्यक्ति का होना चाहिए जो SCSS की पात्रता (जैसे 60 वर्ष या उससे अधिक की आयु, या तय नियमों के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारी) को पूरा करता हो।
3. ज्वॉइंट खाते में जमा की जाने वाली पूरी राशि केवल पहले खाताधारक की ही मानी जाती है।
4. खाताधारक की आयु 60 वर्ष होने पर, यदि उनके जीवनसाथी की आयु 60 वर्ष से कम भी है, तब भी उन्हें ज्वॉइंट होल्डर बनाया जा सकता है।
कर लाभ (Tax Benefits):
इस योजना में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत सिर्फ ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। मतलब आप इसमें कितना भी पैसा डाले 150000/- के ऊपर लेकिन आपको छूट सिर्फ 150000/- तक ही मिलेगी उस साल में |
इस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर योग्य (Taxable) है, जो भी ब्याज मिलेगा उसपर आपको टैक्स देना होगा | एक वित्तीय वर्ष में ब्याज ₹50,000 से अधिक होने पर टीडीएस (TDS) कट सकता है। मतलब अगर आप 600000/ के ऊपर पैसा जमा करते है तो TDS कटेगा। जिसे आप बाद में ITR भर कर वापस ले सकते है ।
समय से पहले निकासी (Premature Closure):
अगर आपने ५ साल के लिए रखा और उससे पहले ही आपको पैसे की जरूरत पड़ जाए और बंद करना पड़े तो क्या नियम है ?
खाता खोलने के 1 साल के भीतर बंद करने पर कोई ब्याज नहीं मिलता। अगर १ साल से पहले बंद किया जाए तो उसपर १ रुपए भी ब्याज नहीं मिलता है , इसलिए इसमें सोच समझ कर पैसा डाले जिसकी आपको ५ साल जरूरत नहीं पड़ेगी , वहीं पैसा उसमें जमा करे । चुकी इस स्कीम पर तिहामी ब्याज मिलता हैं , इसलिए जब आप जमा करते है ब्याज ३ महीने बाद मिलने लगता है , लेकिन जब आप एक साल से पहले बंद करने जाते है तो यह पैसा आपके मूलधन में से काट लिया जाता है , जो ब्याज आपको दिया गया है उतना । इस लिए हमेशा अगर आपको 15 लाख जमा करना है तो , 3 SCSS बनाए ५०००००/ के , ताकि अगर कभी जरूरत पड़ जाए तो एक तोड़कर काम हो जाए ।
अगर 1 से 2 साल के बीच बंद करना पड़ा तो आपके मूलधन या जितनबा पैसा आपने जमा किया था , का 1.5% काट लिया जाता है , आइए इस अच्छे से समझते है | मान लीजिए आपने 1000000/ रखा है और एक साल के बाद आपको तोड़ने की जरूरत पड़ गई तब बैंक / पोस्ट ऑफिस आपका जमा पैसे का 1.5% मतलब 15000/- काट लेगा ।
अगर आपको 2 से 5 साल के बीच बंद करना पड़ा तो 1% की कटौती (पेनल्टी) का प्रावधान है । अगर 2 साल पूरे हो गए तो 1 % मतलब 10 लाख का 10000/- काट लिया जाएगा |
इसलिए हमेशा इसमें वही पैसा रखे जिसकी आपको 5 साल में जरूरत नहीं पड़ेगी ।
क्या लोन मिलता है ?
SCSS पर कोई लोन नहीं ले सकते आप , ध्यान रखे इसलिए इसमें वही पैसा रखे जिसकी जरूरत आपको ५ साल नहीं लगेगी , अगर लोन चाहिए तो आप बैंक FD कर सकते है , जिसपर आप कभी भी 90 % तक लोन ले सकते है । अपना पैसा अलग अलग बाट कर जमा करे , थोड़ा FD, कुछ PPF और SSC , इससे आपको जरूरत पड़ने पर दिक्कत नहीं होगी।
SCSS कहा खोला जा सकता है ?
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम खोले के लिए क्या क्या आवश्यक है ?
- 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सामान्य नागरिकों के लिए (आधार कार्ड, पैन कार्ड, या जन्म प्रमाण पत्र)।
- 55 से 60 वर्ष की आयु वाले सेवानिवृत्त रक्षा कर्मचारियों (Defense Employees) के लिए रिटायरमेंट का प्रमाण और आयु प्रमाण।
- 50 से 60 वर्ष की आयु वाले अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट और पेंशन से जुड़े दस्तावेज।
- पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ: खाताधारकों की हाल ही में खींची गई तस्वीरें (ज्वॉइंट अकाउंट होने पर दोनों की)।
- पैन कार्ड (PAN Card) निवेश और टीडीएस (TDS) उद्देश्यों के लिए अनिवार्य।



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