BHIM (Bharat Interface for Money)
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| Benefits of Bhim |
BHIM (भीम) ऐप भारत सरकार की एक डिजिटल भुगतान सेवा है, जो यूपीआई (UPI) तकनीक पर काम करती है , इसे दिसंबर 2016 में लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य देश में कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देना है। पिछले लेख में हमने UPI से संबंधित बहुत सारे विषयों पर चर्चा की , UPI क्या है , किसने बनाया और कैसे कम करता है , इस लेख के पढ़ने से पहले वह लेख अवश्य पढ़ ले UPI पर लेख पढ़ने के लिए यहां CLICK करे | हमने UPI से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तथ्यों पर चर्चा की है , आइए अब हम उनमें से एक ऐप जो सबसे पहले NPCI , ने बनाया था UPI के द्वारा लेन देन करने के लिए , एक बात अवश्य जान ले कि BHIM ही एक ऐसा ऐप है जो स्वयं NPCI , यानी जिसने UPI बनाया उसका है , बाकी सब अलग अलग कंपनियों ने UPI का इस्तेमाल करके बनाया है , इसलिए जहां तक संभव हो आप BHIM का इस्तेमाल करे| आइए अब हम भीम ऐप पर चर्चा करते है | क्या आप भीम ऐप इस्तेमाल करते ?
BHIM ऐप की मुख्य विशेषताएं
सुरक्षित और सीधा लेनदेन
विभिन्न भुगतान के तरीके
लेन-देन की सीमा (Transaction Limits)
आप BHIM ऐप के जरिए प्रति दिन अधिकतम ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) तक का ट्रांजेक्शन कर सकते हैं| पहले ट्रांजेक्शन लिमिट कम थी , पर आज आप एक दिन में 100000/- तक ट्रांजेक्शन कर सकते है |
ऐप पहली बार इंस्टॉल करने के शुरुआती 24 घंटों के लिए ट्रांजेक्शन लिमिट ₹5,000 होती है, जो 24 घंटे बाद बढ़कर ₹1 लाख हो जाती है।
कैशबैक और रिवार्ड
भीम ऐप समय-समय पर (जैसे अपनी सालगिरह या विशेष त्योहारों पर) 100% तक कैशबैक (जैसे छोटे लेनदेन जैसे ₹20 खर्च करने पर पूरा कैशबैक) जैसे खास ऑफर्स अपने यूजर्स के लिए लाता रहता है। यह कैश बैक सीधे आपके अकाउंट में तुरंत क्रेडिट होता है |
BHIM ऐप से जुड़ी कुछ मुख्य बातें
BHIM App में ट्रांजैक्शन या किसी अन्य समस्या के लिए शिकायत दर्ज करने के दो मुख्य तरीके हैं: ऐप के अंदर (In-app) और एनपीसीआई (NPCI) पोर्टल के माध्यम से।
BHIM ऐप खोलें और Transaction History (लेन-देन इतिहास) पर जाएं।
उस संबंधित ट्रांजैक्शन को चुनें जिसमें समस्या है।
Report Issue या Raise Complaint विकल्प पर क्लिक करें।
अपनी समस्या का कारण चुनें (जैसे- पैसा कट गया लेकिन प्राप्तकर्ता को नहीं मिला) और सबमिट करें।
NPCI पोर्टल के माध्यम से (DigiSaathi / NPCI Dispute Portal):
NPCI की आधिकारिक वेबसाइट npci.org.in पर जाएं या सीधे DigiSaathi (disputeredressal.npci.org.in) पोर्टल का उपयोग करें।
Dispute Redressal Mechanism (DRM) सेक्शन में जाएं।
'UPI' विकल्प चुनें और Transaction ID, UPI ID, बैंक का नाम, और ट्रांजैक्शन की तारीख दर्ज करके शिकायत दर्ज करें।
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर:
आप NPCI की यूपीआई हेल्पलाइन नंबर 1800-120-1740 पर कॉल करके भी सहायता ले सकते हैं।
आप अपने बैंक में जाकर भी , जिसका अकाउंट उससे जुड़ा हो , वहां फॉर्म भरकर complain कर सकते है , बैंक आपका complain अपने पोर्टल पर अपडेट कर देता है । आप यही procedure अन्य थर्ड पार्टी ऐप के लिए भी उपयोग कर सकते है , सभी ऐप में कंप्लेन करने का ऑप्शन होता है । आइए अब हम ऐप से जुड़े कुछ सवाल ले लेते है ।
1. BHIM ऐप क्या है और इसे किसने बनाया है?
यह नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित एक यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) आधारित ऐप है, जिसकी मदद से तुरंत पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
क्या BHIM ऐप इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट जरूरी है?
हाँ, ऐप आधारित ट्रांजैक्शन के लिए इंटरनेट चाहिए, लेकिन बिना इंटरनेट के भी *99# डायल करके यूएसएसडी (USSD) कोड के जरिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
BHIM ऐप की डेली ट्रांजैक्शन लिमिट कितनी है?
आम तौर पर BHIM ऐप से एक दिन में अधिकतम 1 लाख रुपये तक ट्रांसफर किए जा सकते हैं और प्रति ट्रांजैक्शन की सीमा भी बैंक के नियमों के अनुसार तय होती है।
क्या BHIM ऐप का इस्तेमाल करने पर कोई चार्ज लगता है?
नहीं, BHIM ऐप से बैंक खाते में पैसे भेजने या मंगाने के लिए एनपीसीआई की तरफ से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।
BHIM ऐप में एक साथ कितने बैंक खाते जोड़े जा सकते हैं?
आप अपने एक ही मोबाइल नंबर से जुड़े कई बैंकों के खातों को इस ऐप में लिंक कर सकते हैं और जरूरत के अनुसार प्राइमरी अकाउंट बदल सकते हैं। आप इसमें अपना क्रेडिट कार्ड भी जोड़ सकते है ।
अगर BHIM ऐप से पैसे कट जाएं और सामने वाले को न मिलें तो क्या करें?
ऐसी स्थिति में ट्रांजैक्शन फेल होने पर आमतौर पर पैसे 3 से 5 दिन में (working days) के भीतर स्वतः आपके खाते में वापस आ जाते हैं। अगर उतने दिन में पैसा नहीं आता तो आप ऐप के 'Help' या 'Transaction History' सेक्शन में जाकर शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं। या अपने बैंक में जाकर वहां भी शिकायत दर्ज करा सकते है ।
इस लेख में हमने लगभग सभी पहलू पर जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया , अब अंत में यह जान ले कि UPI चालू करने के लिए क्या क्या आवश्यकता है ?
- एक स्मार्टफोन (एंड्रॉइड या आईओएस)
- एक बैंक खाता जिससे आपका मोबाइल नंबर लिंक हो
- बैंक खाते से जुड़ा डेबिट/एटीएम कार्ड (UPI PIN सेट करने के लिए)
- कोई भी अपना भीम ऐप पर UPI चालू कर सकता है ।
भारत के कुल डिजिटल ट्रांजैक्शन में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। सरकारी आंकड़ों (PIB/NPCI) के अनुसार, देश के कुल डिजिटल भुगतानों में UPI की हिस्सेदारी लगभग 85% है।
दुनिया भर में होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन में अकेले UPI की हिस्सेदारी लगभग 49% है ।
वर्तमान में भारत में प्रतिदिन औसतन 60 से 66 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन केवल UPI के माध्यम से होते हैं।
कुल UPI वॉल्यूम का लगभग 63% हिस्सा मर्चेंट या दुकानदारों को किए जाने वाले भुगतान (Person-to-Merchant) का होता है, जो छोटे और रोजमर्रा के लेन-देन में इसकी भारी लोकप्रियता को दिखाता है।
अगस्त 2026 में UPI लेनदेन की संख्या (Volume) अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। इस महीने कुल 24.51 अरब (24.51 Billion) ट्रांजैक्शन हुए, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 22% अधिक हैं।
अगस्त 2026 में कुल 29.82 लाख करोड़ रुपये मूल्य के लेनदेन किए गए। हालांकि मई और जुलाई 2026 में यह आंकड़ा लगभग 29.9 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुका है।
पिछले एक दशक में UPI के दायरे में भारी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2016-17 के शुरुआती दौर से लेकर अब तक ट्रांजैक्शन वैल्यू में 4,000 गुना से अधिक की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
भारत का यह डिजिटल पेमेंट नेटवर्क अब देश के बाहर कुल 11 देशों (जैसे सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और उज्बेकिस्तान आदि) में सक्रिय और स्वीकृत है। और भी देश धीरे धीरे इसे अपनाने की तैयारी कर रहे है ।




