RTGS क्या है?

 RTGS (Real-Time Gross Settlement)


RTGS transaction Flow
RTGS TRANSACTION FLOW

RTGS (Real-Time Gross Settlement) बड़े पैमाने पर फंड ट्रांसफर के लिए भारत की एक प्रमुख और सुरक्षित वित्तीय प्रणाली है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा संचालित किया जाता है। पिछले लेख में हमने  NEFT के बारे में विस्तार से चर्चा की , इस लेख में आगे  जाने से पहले  उस लेख को यहां click एक बार अवश्य पढ़ ले ,  ताकि आपको RTGS  समझने में आसानी हो सके ।इस लेख में हम आरटीजीएस के बारे में विस्तार  से चर्चा करेंगे , NEFT हम कम से कम १ रुपए का भी कर सकते थे , और वो बैच में ट्रांजैक्शन पूरा होता है , लेकिन RTGS , कम से कम २ लाख या २ लाख के ऊपर ही किया जा सकता है , और यह  एक एक ट्रांजैक्शन अलग अलग पूरा किया जाता है । आइए अब इसके  मुख्य विषयों  पर चर्चा करते है ।

क्या आप जानते है ?

दुनिया में सबसे पहले इस तरह की प्रणाली की शुरुआत अमेरिका के फेडरल रिजर्व (US Fedwire System) द्वारा 1970 में टेलीग्राफ के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के रूप में की गई थी, जिसमें RTGS के कई गुण मौजूद थे।

1980 के दशक के मध्य में ब्रिटेन (CHAPS, 1984) और फ्रांस (SAGITTAIRE, 1984) ने आधुनिक स्वरूप वाली प्रणालियाँ विकसित कीं। इसके बाद 1990 के दशक में दुनिया भर के कई केंद्रीय बैंकों ने इसे अपनाया।

भारत में RTGS का इतिहास 

भारत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 26 मार्च 2004 को पायलट बेसिस पर (शुरुआत में केवल 4 बैंकों के साथ SBI, HDFC, Standard Chartered bank, Aur sarswat cooperative Bank ) RTGS की शुरुआत की गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य देश में बड़े मूल्य (High-Value) के फंड ट्रांसफर को बिना किसी क्रेडिट या सेटलमेंट जोखिम के तुरंत (Real-Time) और सुरक्षित तरीके से एक बैंक से दूसरे बैंक में भेजना था।
शुरुआत में इसके तहत न्यूनतम राशि की सीमा ₹2 लाख तय की गई थी और यह केवल बैंक के कामकाजी घंटों (Working Hours) के दौरान ही उपलब्ध होता था।
 
डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और ग्राहकों की सुविधा को बढ़ाने के लिए आरबीआई ने 14 दिसंबर 2020 से RTGS सेवा को साल के 365 दिन, सातों दिन और 24 घंटे (24x7x365) उपलब्ध करा दिया।

मुख्य विशेषताएं (Key Features)

 रियल-टाइम (Real-Time):

इसमें भुगतान के लिए कोई इंतजार नहीं करना पड़ता। जैसे ही ट्रांजैक्शन सबमिट होता है, पैसा कुछ ही मिनटों (आमतौर पर कुछ सेकंड से लेकर आधे घंटे के भीतर) में प्राप्तकर्ता के खाते में जमा हो जाता है।आपका पैसा तुरंत आपके एक बैंक के खाते से दूसरे बैंक के खाते में कुछ ही देर में  ट्रांसफर कर दिया जाता है ।

 ग्रॉस सेटलमेंट (Gross Settlement): 

इसका अर्थ है कि हर एक ट्रांजैक्शन का हिसाब अलग-अलग व्यक्तिगत रूप से (One-to-One basis) किया जाता है। इसमें कई लेन-देन को आपस में जोड़ा (Batching) नहीं जाता। मतलब एक ट्रांजैक्शन एक ही होता है और वैसे ही किया जाता है वन तो वन ।

  सीमाएं (Limits):

 RTGS के माध्यम से कम से कम ₹2,00,000 (2 लाख रुपये) या उससे अधिक ही ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे कम राशि के लिए NEFT या UPI/IMPS का उपयोग किया जाता है। २०००००/ से कम के लिए NEFT का उपयोग किया जाता है ।

RBI की तरफ से इसकी कोई ऊपरी अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है, हालांकि सुरक्षा और बैंक नियमों के आधार पर अलग-अलग बैंकों की अपनी दैनिक सीमाएं हो सकती हैं।वह आप अपने बैंक से जान सकते है ।

उपलब्धता (Timings):

यह सेवा 24×7, वर्ष के 365 दिन (सप्ताह के सातों दिन, छुट्टियों और रविवार सहित) उपलब्ध है। पहले ऐसा नहीं था , आप सिर्फ बैंकिंग के समय में ही , RTGS कर सकते थे । NetBanking से आप  ऑनलाइन RTGS कभी भी कर सकते है । ध्यान  रखे बैंकों के अपने ट्रांजैक्शन लिमिट होते है सुरक्षा के लिए , अधिकतम सीमा निर्धारित की जाती है ।

शुल्क और चार्ज (Charges)

RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऑनलाइन माध्यम से किए जाने वाले RTGS ट्रांजैक्शन आम तौर पर निःशुल्क (Free) होते हैं।अपने बैंक से या बैंक के वेबसाइट से NEFT/RTGS  चार्ज के बारे में अवश्य जान लीजिए ।

  यदि आप बैंक शाखा में जाकर फॉर्म भरकर RTGS करवाते हैं, तो बैंक नियमों के अनुसार मामूली शुल्क (₹25 से ₹50 तक + जीएसटी) लग सकता है। बैंकों में RTGS/ NEFT का लगभग एक ही फॉर्म होता है , जो आपको भरकर चेक जोड़कर देना होता है ।

RTGS करने के लिए आवश्यक विवरण

यदि आप किसी को RTGS के जरिए पैसे भेजना चाहते हैं, तो आपके पास निम्नलिखित जानकारियां होनी चाहिए:

 * प्राप्तकर्ता का नाम (Beneficiary Name)

 * बैंक खाता संख्या (Account Number)

 * खाते का प्रकार (Savings/Current Account)

 * बैंक का IFSC कोड (IFSC Code)

 * बैंक की शाखा का नाम (Branch Name)

यह जानकारी ले कर आप ऑनलाइन या ऑफलाइन अपने बैंक में जाकर फॉर्म भरकर ट्रांजैक्शन कर सकते है , एक बात का अवश्य ध्यान रखें  जानकारी पहले पक्का कर ले , कि सही है कि नहीं , नहीं तो एक बार अगर गलत अकाउंट में पैसा चला गया ,तो वापस लाना बहुत कठिन होता है । इसलिए आप किसी से अकाउंट नंबर जब लेते है तो उसके चेक का  या पासबुक का  फोटो मांग सकते है , ताकि बाद में परेशानी न हो ।RTGS/ NEFT में मुख्य अंतर इतना ही है कि  NEFT १ रुपए का भी किया जा सकता है , और RTGS कम से कम २०००००/ का होना चाहिए। NEFT पहुंचने  मे RTGS से ज्यादा समय लगता है क्योंकि वो आधे आधे घंटे के बैच में होता है और RTGS सीधा हो जाता है । मैं आशा करता हु कि आप NEFT और RTGS अच्छे से समझ गए होगे , और अगली बार जब neft या RTGS करने जाएंगे , तो आपको उसके बारे में सब कुछ पता होगा । यह लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद ।

धन्यवाद।

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