IFSC कोड क्या होता है ?

भारतीय वित्तीय प्रणाली संहिता (IFSC Code): Indian Financial System Code

IFSC code
IFSC कोड 

आज के डिजिटल और आधुनिक युग में जब भी हमें ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर   करने होते हैं, तो हमें बैंक खाता संख्या (Account Number) के साथ-साथ एक विशेष कोड की आवश्यकता पड़ती है, जिसे IFSC Code कहा जाता है। ऑनलाइन बैंकिंग, एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) और IMPS जैसी सेवाओं की रीढ़ माना जाने वाला ऐसा कोड जिसके बिना किसी भी वित्तीय  प्रणाली की कल्पना करना मुश्किल है  । यह  कोड भारतीय बैंकिंग प्रणाली का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। अब तक हमने पिछले लेखों में डिपॉजिट में बहुत कुछ सीखा जैसे कि चालू खाता , बचत खाता , FD, RD , UPI  और NEFT और RTGS के बारे में भी जाना , जब हम NEFT और  RTGS की बात कर रहे थे तब उसमें सबसे महत्वपूर्ण है IFSC कोड था , शायद ही कोई हो जो इसके बारे में नहीं जानता हो , इस लेख में हम इसे ही जानने का प्रयास करेंगे , आइए अब शुरू करते है ।  

सबसे पहले IFSC का फुल फॉर्म से शुरू करते है ।

 * अंग्रेजी में: Indian Financial System Code

 * हिंदी में: भारतीय वित्तीय प्रणाली संहिता

IFSC कोड क्या है ?

आईएफएससी कोड कुल 11 अंकों (Alphanumeric) का एक विशिष्ट कोड होता है, जिसमें अंग्रेजी के अक्षर (Alphabets) और संख्याएं (Numbers) दोनों शामिल होते हैं। यह कोड इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे देखते ही बैंक और उसकी शाखा की पूरी पहचान स्पष्ट हो जाती है। यह हमेशा सिर्फ 11 अंकों का ही होता है ।

   क्या आप जानते है ?

भारत में इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (Electronic Funds Transfer) और डिजिटल बैंकिंग प्रणाली को व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI - Reserve Bank of India) द्वारा वर्ष 2008 के दौरान IFSC कोड की शुरुआत की गई थी। दुनिया में सभी देशों के अपने अपने  टेक्नोलॉजी होती है जैसे कि USA में ABA रूटिंग नंबर , UK में शॉर्ट कोड , यूरोपियन संघ और अन्य देश में IBAN ( इंटरनेशनल बैंक अकाउंट नंबर ) , कनाडा में Transit नंबर आदि । भारत में  IFSC code है।

नब्बे के दशक के अंत और दो हजार के दशक की शुरुआत में भारत में डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की मांग तेजी से बढ़ने लगी थी। पारंपरिक चेक और डिमांड ड्राफ्ट (DD) के जरिए पैसे भेजने में काफी समय लगता था। DD और  cheques क्लियरिंग मे पहले बहुत समय लगता था 10- 15 दिन तक लग जाते थे । 

इस समस्या के समाधान के रूप में RBI ने NEFT और RTGS जैसी प्रणालियों को लॉन्च किया जिसके बारे में  हम पहले ही जान चुके है अगर आपने वह लेख नहीं पढ़े है तो अवश्य पढ़ ले। इन प्रणालियों के सुचारू संचालन और भारत के कोने-कोने में स्थित बैंकों की विशिष्ट पहचान (Unique Identification) स्थापित करने के लिए एक मानकीकृत कोडिंग प्रणाली की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके परिणामस्वरूप IFSC कोड अस्तित्व में आया।

समय  के साथ जब देश में IMPS और UPI जैसी तकनीकें आईं, तब भी IFSC कोड बैंकों के बीच की सीमाओं और फंड रूटिंग को सटीक बनाए रखने का प्रमुख आधार बना रहा।


इसकी बनावट को निम्नलिखित तीन भागों में बांटा गया है

   जैसे :    SBIN0020852

  शुरुआती 4 अक्षर (First 4 Alphabets):

  यह भाग संबंधित बैंक के नाम को दर्शाता है।

  उदाहरण के लिए: 

यदि किसी कोड की शुरुआत SBIN से होती है, तो इसका मतलब है कि वह खाता State Bank of India का है। इसी तरह HDFC  HDFC Bank Ltd ko या BARB बैंक के नाम को दर्शाते हैं। पहले 4 अक्षर हमेशा एक बैंक के लिए एक ही रहता है जैसे  SBIN स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की किसी भी ब्रांच के लिए IFSC कोड हमेशा एक ही रहेगा , उसी तरह सभी बैंक का होता है ।

 पाँचवा अक्षर (5th Character - Zero):

 11 अंकों के इस कोड में पांचवां अक्षर हमेशा '0' (शून्य) होता है। यह हमेशा 0 रहता है ,  सभी बैंकों में IFSC कोड में।

 इस शून्य को भविष्य की तकनीकी जरूरतों और विस्तार के लिए आरक्षित (Reserved) रखा गया है।

 अंतिम 6 अक्षर/संख्याएं (Last 6 Characters):

अंतिम छह अंक अल्फान्यूमेरिक होते हैं जो यह बताते हैं कि संबंधित बैंक की कौन सी विशिष्ट शाखा (Specific Branch) है। यह ब्रांच कोड होता है , सभी ब्रांच का एक कोड अलॉट किया जाता है , वही कोड IFSC code के लास्ट डिजिट में होता है । कभी कभी ब्रांच का नाम भी होता है ।

यह कोड हर शहर, कस्बे और इलाके की बैंक शाखा के लिए बिल्कुल अलग (Unique) होता है।

जैसे कि आइए  कुछ उदाहरण हम देखते है  : 

1. AU Small Finance Bank (औंध, पुणे ब्रांच)

  बैंक का नाम: AU Small Finance Bank

  ब्रांच: Aundh, Pune (महाराष्ट्र)

  ब्रांच कोड: 002353 (IFSC के अंतिम 6 अंक)

  पूर्ण IFSC Code: AUBL0002353

2. NSDL Payments Bank Limited (प्रभादेवी, मुंबई ब्रांच)

 बैंक का नाम: NSDL Payments Bank Limited

 ब्रांच: Prabhadevi, Mumbai (महाराष्ट्र)

  ब्रांच कोड: 000002 (IFSC के अंतिम 6 अंक)

  पूर्ण IFSC Code: NSPB0000002

3. State Bank of India (SBI) (नई दिल्ली / मुख्य शाखा उदाहरण)

 बैंक का नाम: State Bank of India (SBI)

 ब्रांच: New Delhi Main Branch

 ब्रांच कोड: 000691

 पूर्ण IFSC  Code: SBIN000069

आइए अब हम कुछ महत्वपूर्ण भारत के बैंकों के कोड देखते हैं 

भारत के 20 प्रमुख बैंकों के IFSC Code

नीचे भारत के प्रमुख बैंकों के Bank Code और एक उदाहरण IFSC Code दिए गए हैं। IFSC Code किसी पूरे बैंक का एक universal code नहीं होता, बल्कि यह किसी विशिष्ट बैंक शाखा की पहचान करता है।

क्र. बैंक का नाम Bank Code उदाहरण IFSC Code
1 State Bank of India (SBI) SBIN SBIN0000001
2 Bank of Baroda BARB BARB0000001
3 Punjab National Bank (PNB) PUNB PUNB0000001
4 Union Bank of India UBIN UBIN0000001
5 Canara Bank CNRB CNRB0000001
6 Bank of India BKID BKID0000001
7 Indian Bank IDIB IDIB0000001
8 Central Bank of India CBIN CBIN0280000
9 Bank of Maharashtra MAHB MAHB0000001
10 Indian Overseas Bank (IOB) IOBA IOBA0000001
11 UCO Bank UCBA UCBA0000001
12 HDFC Bank HDFC HDFC0000001
13 ICICI Bank ICIC ICIC0000001
14 Axis Bank UTIB UTIB0000001
15 Kotak Mahindra Bank KKBK KKBK0000001
16 IndusInd Bank INDB INDB0000001
17 Federal Bank FDRL FDRL0000001
18 YES BANK YESB YESB0000001
19 IDBI Bank IBKL IBKL0000001
20 AU Small Finance Bank AUBL AUBL0000001
⚠️ महत्वपूर्ण नोट:

ऊपर दिए गए IFSC Code उदाहरण के लिए हैं। IFSC Code किसी बैंक की विशिष्ट शाखा की पहचान करता है। इसलिए NEFT, RTGS या किसी अन्य बैंकिंग transaction से पहले संबंधित branch का वर्तमान IFSC Code जरूर verify करें।

IFSC Code आप बैंक की official website, passbook, cheque book या संबंधित बैंक शाखा से प्राप्त कर सकते हैं।

ध्यान दें: Bank merger, branch transfer या अन्य banking changes के कारण किसी branch का IFSC Code बदल सकता है।

IFSC Code कैसे समझें?

उदाहरण: SBIN0XXXXXX

  • SBIN = बैंक का Code
  • 0 = पाँचवाँ character
  • XXXXXX = संबंधित शाखा का Code

इस प्रकार IFSC Code में बैंक और उसकी विशिष्ट शाखा की पहचान होती है।


IFSC Code का उपयोग कहाँ और क्यों किया जाता है?

किसी भी बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से पैसे भेजने के लिए IFSC कोड अनिवार्य है। जब भी आप किसी एक बैंक से दूसरे बैंक में पैसा ट्रांसफर करते है , तो वह बिना IFSC code के  नहीं हो सकता । मुख्य रूप से इसका उपयोग निम्नलिखित सेवाओं में होता है:

NEFT (National Electronic Funds Transfer): इसके जरिए एक बैंक से दूसरे बैंक में सुरक्षित तरीके से पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके बारे में और ज्यादा जानने के लिए NEFT का लेख अवश्य पढ़ ले ।

 RTGS (Real-Time  Gross Settlement): बड़ी रकम (आम तौर पर ₹2 लाख या उससे अधिक) के त्वरित ट्रांसफर के लिए इसका उपयोग होता है। इससे संबंधित लेख अवश्य पढ़ ले ।

IMPS (Immediate Payment Service): 24x7 तुरंत पैसे भेजने की सुविधा के लिए भी बैंक विवरण में इसकी जरूरत पड़ती है।

IFSC Code कैसे पता करें?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है , क्योंकि कई बार आपकी किसी को पैसा भेजना होता है और आपको पता नहीं चलता कि IFSC कोड क्या है ?  आप निम्नलिखित आसान तरीकों से किसी भी बैंक शाखा का IFSC कोड प्राप्त कर सकते हैं:

चेकबुक या पासबुक:

आपके बैंक द्वारा जारी की गई पासबुक के पहले पन्ने पर या चेकबुक के पत्तों पर उस शाखा का IFSC कोड स्पष्ट रूप से मुद्रित होता है। ब्रांच कोड , अकाउंट नंबर और IFSC कोड होता है । अगर आप किसी और को पैसा भेज रहे है तो उससे IFSC कोड लेकर जांच अवश्य कर ले ।

Chequepasbbokifsc
IFSC CODE image
एक बात ध्यान जब कभी आप अपना बैंक ब्रांच बदल लेते है , पर आपके पास चेक बुक पुरानी रहती है , जिसमे पहले का IFSC कोड होता है , तो किसी को कोड देते समय ध्यान रखे ।

RBI की आधिकारिक वेबसाइट: 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर IFSC/MICR कोड सर्च टूल का उपयोग किया जा सकता है। वहां पर आपको मिल जाएगा ।

बैंकिंग ऐप्स और नेट  बैंकिंग या बैंक वेबसाइट 

आप अपने बैंक के मोबाइल एप्लीकेशन या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी शाखा का विवरण देखकर कोड निकाल सकते हैं। या संबंधित बैंक के वेबसाइट से भी उस ब्रांच की डिटेल निकाला जा सकता है ।

अब आइए कुछ IFSC से जुड़े सवाल ले लेते हैं ।

अगर आपने IFSC कोड गलत डाल दिया तो क्या होगा ?

सबसे पहले आप कभी भी जांच किए बिना किसी भी IFSC कोड का इस्तेमाल मत करे , सब कुछ करने के बाद भी अगर गलत हो जाए तो क्या करे ?  इसमें कुछ अलग अलग पहलू पर विचार करते है ।
१.  अगर आपका IFSC कोड गलत है तो बैंक द्वारा पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाएगा , बैंक आपको फिर से  IFSC कोड    चेक करके डालने  को  बोलेगा ।
२. कई बार अपना अकाउंट नंबर सही होता है , और IFSC कोड उसकी बैंक का होता है , मगर किसी और  ब्रांच का , ऐसे में देखा गया है कि ट्रांजैक्शन सफल हो जाता है , क्योंकि अकाउंट नंबर पूरे बैंक में यूनिक होता है ।
३. अगर आपके अकाउंट और IFSC कोड साथ में मैच नहीं हो रहे तो , पैसा आपका अपने आप आपके अकाउंट में  वापस आ जाता है ।

अगर आपका पैसा आपके अकाउंट से debit हो गया है और दूसरे के खाते में जमा नहीं हुआ तो क्या करे ?

जब आप RTGS/NEFT करते है और उसका अकाउंट नंबर या IFSC कोड गलत हो जाता है , और आपका पैसा खाते से कट गया और वापस नहीं आया, आपने जिसको पैसा भेजा था वहा   नहीं  गया   आपका पैसा गलती से  किसी और के  अकाउंट में  चला गया , तो क्या करे ?


जितना जल्दी हो  सके आप अपने बैंक से संपर्क कर के , अपना लिखित कंप्लेन  दर्ज करा दे , ध्यान रखे यह काम तुरंत कर दे देरी न करे । बैंक आपका कंप्लेन  को अपने  NEFT/RTGS cell को भेज देगा ।

जिस बैंक में पैसा गया है , उससे भी संपर्क करने की कोशिश करे ।

हमेशा ट्रांजैक्शन  करते समय सावधानी  रखे सही अकाउंट नंबर और IFSC कोड दे।


Swift code, MICR code और IFSC code  मे क्या अंतर है ?


SWIFT code, IFSC code और MICR code तीनों ही बैंकिंग कोड हैं जिनका इस्तेमाल बैंक में अलग अलग जगह होता है ,  इनके उपयोग अलग-अलग हैं। SWIFT code (8 या 11 अंकों का) का उपयोग विदेशों से पैसे भेजने या मंगाने यानी अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर के लिए किया जाता है जब आप विदेश से पैसा मंगाते है तब स्विफ्ट कोड लगता है ; IFSC code (11 अंकों का) भारत के भीतर इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर जैसे NEFT, RTGS और IMPS के लिए इस्तेमाल होता है और यह बैंक की खास शाखा की पहचान करता है; जबकि MICR code (9 अंकों का) एक विशेष न्यूमेरिक कोड है जो चेक के निचले हिस्से पर प्रिंट होता है और इसका उपयोग चेक क्लियरिंग (Cheque Clearing) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए किया जाता है। माइकर कोड क्लियरिंग के लिए इस्तेमाल होता है ।

भारतीय वित्तीय प्रणाली संहिता (IFSC Code) ने भारत की बैंकिंग व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इसकी मदद से आज देश के किसी भी कोने से दूसरे कोने में चंद सेकंडों में सुरक्षित डिजिटल लेनदेन संभव हो पाया है।

हमने इस लेख में IFSC कोड के सभी विषयों पर चर्चा करने का प्रयास किया । मैं आशा करता हु कि यह लेख आपको पसंद आया होगा । लेख पढ़ने के लिए  आपका धन्यवाद ।

धन्यवाद ।

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