CIBIL क्या होता है ?

CIBIL Score क्या होता है?

Cibil score
Cibil score 

CIBIL Score आपके क्रेडिट इतिहास के आधार पर आपकी credit worthiness (ऋण चुकाने की क्षमता का संकेत) बताने वाला 3 अंकों का स्कोर है। भारत में आम तौर पर यह 300 से 900 के बीच होता है। 

हमने पिछले लेखों में CIBIL क्या करता है जाना था , इस लेख में आगे बढ़ने से पहले उस लेख के एक बार अवश्य पढ़ ले क्योंकि यह उस लेख का विस्तार है , ताकि आपको  यह लेख अच्छे से समझ में आ सके । अब आइए हम आगे बढ़ते है सिबिल स्कोर कैसा होता है और इसमें क्या क्या होता है विस्तार से जानने का प्रयास  करते है । आप समझ ही चुके है कि CIBIl के बिना लोन की कल्पना नहीं की जा सकती , अगर आपने लोन लिया है तो आपका सिबिल देखा ही होगा , उसमें से कुछ जानकारी आपके समझ में आई होगी और कुछ नहीं आई होगी , आज हम सिबिल स्कोर में क्या-क्या होता है वहीं जानने का प्रयास करेंगे ।

सबसे पहले हम सिबिल स्कोर को समझ लेते है सिबिल स्कोर  वह कितना कितना होता है , और स्कोर क्या क्या बताता है आम तौर पर आपका स्कोर   300 → 900 के बीच में होता है, अधिकतर लोगों का स्कोर 700 के ऊपर होता है, जो लोन लेने के लिए ठीक  माना जाता है , बहुत कम लोगों के स्कोर 800 के ऊपर होता है , जिनको आप बहुत अच्छा कह सकते है |आइए यहां देखते है  कि कौन सा स्कोर कैसा माना जाता है ।

🔴 300–549 → कम

🟠 550–649 → सुधार की आवश्यकता

🟡 650–749 → मध्यम/अच्छा

🟢 750–900 → मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल

इसके अलावा 0 या -1 भी सिबिल स्कोर में कभी कभी आता है, इसका मतलब होता है कि आपका कोई  क्रेडिट history नहीं है , मतलब आपने अभी तक कोई लोन नहीं लिया है ।  

-1 / NH क्रेडिट हिस्ट्री उपलब्ध/पर्याप्त नहीं — जैसे पहली बार लोन लिया हो

0 कुछ lender/reporting systems में इस्तेमाल होने वाला 

कभी कभी  किसी का सिबिल 300 के नीचे  आता है जैसे कि 123 या 125 या कुछ और  तो यह टेक्निकल error होता है , पर ऐसा कभी कभी होता है , इसका कोई मतलब नहीं है या उसका क्रेडिट history नहीं है ।

भारत में क्रेडिट स्कोर के लिए, भारत में क्रेडिट इतिहास (history) एकत्रित करके क्रेडिट रिपोर्ट या स्कोर उपलब्ध कराने वाली मुख्य विनियमित (regulated) संस्थाओं को क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियां (CICs) कहा जाता है। वर्तमान में 4 प्रमुख CICs हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, इनका संचालन और नियमन RBI द्वारा किया जाता है।

ये इस प्रकार है 

1 TransUnion CIBIL Limited।  -  CIBIL कहते है 

2.  Experian Credit Information Company of India Pvt. Ltd.   -    Experian कहते है 

3.  Equifax Credit Information Services Pvt. Ltd.    -   Equifax कहते है 

4.   CRIF High Mark Credit Information Services Pvt. Ltd.     -   CRIF High Mark कहते है 

:अगर बैंक CIBIL का मेंबर  है, तो वह CIBIL की रिपोर्ट  ले सकता है। इसी तरह कोई भी कर्ज देने वाला  अपनी सदस्यता और पॉलिसी  के अनुसार Experian, Equifax या CRIF High Mark का उपयोग कर सकता है।  अलग अलग बैंक इनका इस्तेमाल करते है और क्रेडिट  रिपोर्ट  लेकर अपना लोन देने का निर्णय लेते है ।

CIBIL Score में क्या-क्या होता है?

सबसे पहले स्कोर होता , जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है , हम यहां  cibil द्वारा जो क्रेडिट रिपोर्ट दिया जाता है उसकी बात  करेंगे , उसमें क्या क्या शामिल होता है । हम जिस तरह से Cibil MSME दिखता है वैसे देखेंगे ।


Personal Information (व्यक्तिगत जानकारी):

आपका का पूरा नाम, जन्मतिथि, पैन कार्ड नंबर (PAN), और उसका पिछला व वर्तमान पता। दिखाया जाता है जैसे कि आप नीचे देख सकते है ।

Personal information
Personal information

CIBIL Score (सीबिल स्कोर): उसके बाद आप सिबिल स्कोर होता है, हम इस फोटो में देख सकते है यह स्कोर 300- 900 के बीच होता है ।

Cibil score sheet
Cibil score 

इसके बाद आपके ID जैसे कि पैन कार्ड नंबर और आधार नंबर , फिर मोबाइल नंबर होता है और ईमेल ID , उसके बाद आपके आज तक के address, जो भी सिबिल में डालकर चेक किया गया है । और उसके बाद आपका लोन summary होता है ।

सारांश (Summary ) सभी लोन की :

आपके लिए हुए सभी लोन की summary, की सब मिलाकर अपने आज तक कितना लोन लिया है उसमें से कितने चल रहे है , कितने बंद हो गए , कितने का balance zero हो गया है ,overdue अमाउंट कितना है सभी लोन का मिलकर और कितना बाकी है , और यह सिबिल हिस्ट्री कब से है ।
Summary
Loan summary 

अब इसके बाद आज तक कितनी बार सिबिल देखा गया है ।

TOTAL ENQUIRIES :


आज तक आपका सिबिल कितनी बार देखा गया है ।

Total enquiries
Total enquiries 

अब इसके बाद आपके एक एक लोन का डिटेल कुछ इस प्रकार से होता है ।

Loan details account wise :

अब आपके सभी लोन का डिटेल दिया होता है जैसे कि लोन कितना लिया गया , कब लिया गया , EMI कितना है , overdue कितना है , अभी कितना बाकी है , कितने दिन के लिए लिया गया है , कितने महीने के लिए लिया गया है , कब बंद किया गया  और DPD , days Past Due , इसको हमने नीचे अच्छे से समझाया है । इस फोटो में आप देख सकते है ।
Loan details
Loan details

इसी तरह आपके सभी लोन का डिटेल दिया होता है एक एक करके , यह एक स्टेटस भी होता है जैसे कि write off या settled अकाउंट है ।

अब आखिरी में आपके सिबिल में enquiries की लिस्ट दी गई होती है ।

क्रेडिट पूछताछ (Credit Enquiries):

आपने लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए कितनी बार आवेदन किया है और ऋणदाताओं (lenders) ने आपकी रिपोर्ट कितनी बार देखी है। आप जहां भी लोन के लिए किसी बैंक में जाते है , तो बैंक cibil की जांच करता है , तो वह आपके सिबिल में दर्ज हो जाता है । और वह आपके सिबिल पर असर करता है । इसलिए बार बार enquiries से बचना चाहिए ।
Enquiries list
Enquiries list 

अगर आप अपना cibil निकालते है तो इसी तरीके से  सब कुछ देखने को मिलेगा ।

अब आइए कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर अलग से चर्चा कर लेते है  जो आवश्यक है, अगर  आपको  ऊपर पढ़कर कुछ समझ  नहीं आया हो तो यहां से समझ सकेंगे।

DPD ( days Past Due )भुगतान में देरी के दिन/ Asset Classification संपत्ति वर्गीकरण

आपने ईएमआई (EMI) या क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर किया है या देर से। उसमें हर महीने की EMI दर्ज होती है , जो आपने दिया होता है , आपके पिछले 36 महीनों का हर महीने का रिकॉर्ड रहता है कि आपने समय पर EMI चुकाई थी या भुगतान में देरी (DPD - Days Past Due) की थी। जैसे जैसे EMI बढ़ती जाती है पीछे का इतिहास मिट जाता है, मतलब  चालू समय का 36 महीने का दिखता  है । हम नीचे फोटो में DPD  देख सकते है ।

DPD
Days Past Due 

हम देख सकते इसमें days दिख रहे है , मतलब इतने दिन अकाउंट  overdue रहा है , STD मतलब रेगुलर होता है ।

 Status क्या  होता है ? 

सिबिल (CIBIL) रिपोर्ट में आपके हर लोन अकाउंट के आगे एक Status (स्थिति) दिया होता है,  जिसे ऊपर देख सकते है जिससे यह पता चलता है कि वह लोन इस समय किस अवस्था में है।

सिबिल रिपोर्ट में सबसे ज्यादा दिखने वाले मुख्य स्टेटस और उनके अर्थ नीचे दिए गए हैं:

 Written-Off (राइट-ऑफ)

मतलब: यदि आपने लगातार काफी समय तक (आमतौर पर 90 दिनों से ज्यादा) लोन या क्रेडिट कार्ड का भुगतान नहीं किया, तो बैंक ने मान लिया है कि आप यह पैसा चुकाने में असमर्थ हैं और इसे अपने बही-खाते से घाटे (Loss) के रूप में हटा दिया है। कई बार यह बहुत पुराने अकाउंट या क्रेडिट कार्ड के साथ किया जाता है, जो बहुत दिन से नहीं भरा गया है, तो उसे बैंक अपने लिस्ट से  राइट ऑफ या हटा देता है , लेकिन आपने पैसा नहीं चुकाया होता ।

असर: यह स्टेटस आपके सिबिल स्कोर को बहुत बुरी तरह गिराता है और भविष्य में नया लोन मिलने में बड़ी रुकावट बनता है। नीचे दिए गए फोटो में आप देख सकते है , स्टेटस कैसा दिखता है 

Written off
Written off


Settled (सेटलड)

मतलब: जब आप बैंक का पूरा लोन चुकाने में असमर्थ होते हैं, तो बैंक से बातचीत करके एक कम राशि पर मामला रफा-दफा (Settlement) कर लेते हैं। बैंक बाकी बची हुई रकम को माफ कर देता है।

असर: हालांकि आपका पुराना कर्ज खत्म हो जाता है, लेकिन सिबिल रिपोर्ट में इसे निगेटिव माना जाता है। इससे भविष्य में बैंक आपको आसानी से लोन नहीं देते क्योंकि इसका मतलब है कि आपने पूरा पैसा नहीं चुकाया। जैसा कि हम ऊपर देख सकते है वैसे ही सेटल्ड दिखाई देता है स्टेटस में ।

Suit Filed / Wilful Default (कानूनी कार्रवाई / जानबूझकर डिफॉल्ट)

मतलब: बैंक ने आपके खिलाफ लोन न चुकाने पर कानूनी कार्रवाई (Court case) शुरू कर दी है या आपको 'विलफुल डिफॉल्टर' घोषित किया गया है (यानी पैसे होने के बावजूद जानबूझकर किस्त न देना)। जब आपका लोन खाता NPA हो जाता है और आप लोन नहीं भरते, तब  बैंक कोर्ट में आपके खिलाफ केस दाखिल करता है, और आपको लीगल नोटिस भेजा जाता हैं, इसे ही suit filed कहते है , यह  भी आपको उस लोन के स्टेटस में सिबिल में दिखता है । यह भी आपके सिबिल को खराब करता है ।

असर: यह सबसे गंभीर और खतरनाक स्टेटस है। इससे आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पूरी तरह खराब हो जाती है।

Report and certified Date : 

यह वह तारीख होती है जब बैंको के द्वारा आप की  लोन की जानकारी  अंतिम बार सिबिल को रिपोर्ट  की गई होती है, आपके सिबिल निकालने से पहले की । मतलब आपकी जानकारी उस दिन तक की होती है । 

यहां हमने सिबिल में क्या क्या होता है ,और आप उसे कैसे समझ सकते है ,  हमने बहुत कुछ  यहां समझने का प्रयास किया । अगर आप अपना सिबिल देखना चाहते है तो आप सिबिल  की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर देख सकते है।  आप  यहां  क्लिक कर के  www.cibil.com देख सकते है । इसे कैसे देखे  यह अगले लेख में चर्चा करेंगे ।

मैं आशा करता हु कि यह लेख आपको पसंद आया होगा , और सिबिल  स्कोर से जुड़ी जानकर आपने  ग्रहण की होगी । यह लेख पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद ।

धन्यवाद ।




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